कंप्यूटर जनरेशन | 5 Generation Of Computer in Hindi

कंप्यूटर का इस्तेमाल दुनियाभर में हो रहा है । क्या आप जानते है की कंप्यूटर अपनी पहली पीढ़ी में कैसे हुआ करते थे ? आज के समय जो कंप्यूटर उपयोग किए जा रहे है, उनकी कुछ पीढियां हुई है, जिसमे कंप्यूटर आधुनिक बनते गए है । कंप्यूटर धीरे धीरे बेहतर बनते जा रहे है । आइए जानते है की कंप्यूटर की पीढियां या Generation of Computer क्या है ।

कंप्यूटर की मदद से आज के समय बहुत से कार्य किए जाते है । कई जटिल कार्यों को कंप्यूटर टेक्नोलॉजी और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के द्वारा आसान बना दिया गया है ।

कंप्यूटर के द्वारा हम में से बहुत से लोग अपने छोटे बड़े दैनिक कार्य भी करते है, जिसमें ईमेल चेक करना, इंटरनेट चलाना, गेम खेलना या किसी सॉफ्टवेयर के द्वारा कोई कार्य करना आदि शामिल होते है । कंप्यूटर आज की दुनिया मे हमारी एक जरूरत बन चुका है ।

कंप्यूटर जनरेशन क्या है ? | What is Generation of Computer in Hindi

कंप्यूटर की पीढ़ियों या Generation of Computer की बात करे तो अब तक कंप्यूटर की 5 Generation आ चुकी है । जिनमें कई बड़े तकनीकी बदलाव शामिल है । इस समय तक कंप्यूटर की दुनिया में वैक्यूम ट्यूब, Transistors और Microprocessor, High Level Programming Language जैसे बहुत से बड़े बदलाव हुए है । कंप्यूटर का विकास 1940 के आसपास से शुरू हुआ था, जब पहली पीढ़ी के कंप्यूटर आये थे । इन जनरेशन में हुए बदलाव ने कंप्यूटर को चलाने के तरीके को बदला है । तो आइए अब कंप्यूटर की सभी जनरेशन Computer Generation के बारे में शुरुआत से जानते है ।

Generation of computers in Hindi

कंप्यूटर की पांच पीढियां | All 5 Generation of Computer in Hindi –

  • First Generation 1940 – 1956
  • Second Generation 1956 – 1963
  • Third Generation 1964 – 1971
  • Fourth Generation 1971 – 1980
  • Fifth Generation 1980 – Present

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी First Generation of Computer in Hindi – 1940 से 1956 तक

यह कंप्यूटर की पहली पीढ़ी (First Generation) हुआ करती थी, जिसमे वैक्यूम ट्यूब वाले कंप्यूटर का निर्माण हुआ था । पहले कंप्यूटर में Circuitry के लिए वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था और मेमोरी के लिए Magnetic Drums का इस्तेमाल किया गया ।

Vacuum Tube आकार में काफी बड़े होते थे , जिसके परिणामस्वरूप उस समय के कंप्यूटर भी आकार में भी काफी बड़े हुआ करते थे । ये कंप्यूटर इतने बड़े थे की इन्हें एक पूरे कमरे की जगह लग जाती थी ।

इन कंप्यूटर को चलाना काफी महंगा था । ये काफी मात्रा में बिजली का उपयोग करते थे, जिसके बाद ये बहुत गरम होते थे, जो काफी बार खराबी का कारण बनता था ।

UNIVAC, ENIAC, ADSAC, IBM 701 उस समय के Vacuum Tube कंप्यूटर थे, जिसमे हजारों की संख्या में वैक्यूम ट्यूब लगे हुए थे ।

दूसरी पीढ़ी 1956 से 1963 | Second Generation of Computer in Hindi

दूसरी जनरेशन (Second Generation) के कंप्यूटर में Transistors का उपयोग शुरू हुआ । इन कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब की जगह पर ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाने लगा ।

Transiter आकार में वैक्यूम ट्यूब से छोटे थे, इसीलिए इस जनरेशन के कंप्यूटर भी पहले से आकार में छोटे बनने लगे ।

ये कंप्यूटर स्पीड में भी पहले से ज्यादा तेज हो गए । साथ ही ये ऊर्जा बचत, निर्माण में कम खर्च और विश्वसनीयता के साथ पहली जनरेशन के कंप्यूटर के मुकाबले काफी बेहतर बन गए ।

इसके अलावा इस जनरेशन के कंप्यूटर में Cryptic binary machine language की जगह Symbolic, assembly language का प्रयोग होने लगा । जिसमे प्रोग्रामर Words में Instructions का विवरण कर सकते थे ।

इस जनरेशन में COBOL और FORTRAN जैसी हाई लेवल की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का भी विकास हुआ ।

तीसरी पीढ़ी 1964 से 1971 | Third Generation of Computer in Hindi

कंप्यूटर की तीसरी जनरेशन 1964 से 1971 तक थी । इस समय कंप्यूटर में Integrated Circuit ( IC ) का उपयोग शुरू हुआ । IC के उपयोग से इस जनरेशन के कंप्यूटर आकार में दूसरी जेनरेशन के कंप्यूटर से भी छोटे हो गए । IC के उपयोग ने कंप्यूटर को पहले से ज्यादा तेज बना दिया ।

यह कंप्यूटर दूसरी जनरेशन से सस्ते बनने लगे । साथ ही इनमें पहले से ज्यादा Storage की क्षमता थी । इसमें Input के लिए Punch Cards की जगह Mouse और Keyboard का उपयोग भी शुरू हुआ । आज के भी कंप्यूटर में IC का उपयोग किया जाता है ।

उस समय के कंप्यूटर PDP -8, PDP-11, IBM 360 – 370 आदि Third Generation के कंप्यूटर थे ।

चौथी पीढ़ी 1971 से 1980 | Fourth Generation of Computer in Hindi

चौथी जनरेशन के कंप्यूटर में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिला । इस जनरेशन में माइक्रोप्रोसेसर का अविष्कार हुआ, जिसे कंप्यूटर के अंदर उपयोग किया गया । इसे CPU के नाम से भी जाना जाता है ।

Integrated Circuit के साथ Microprocessor के उपयोग से कंप्यूटर काफी हल्के हो गए और इन्हें डेस्कटॉप के रूप में उपयोग किया जाने लगा । लैपटॉप भी इसी बदलाव के बाद पेश किए गए ।

इस जनरेशन के कंप्यूटर गरम होना पहले से कम हुए और यह पहले से ज्यादा तेज हो गए । आज भी कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाता है । IBM 4341, PUP 11 आदि इस जनरेशन के कंप्यूटर है ।

पांचवीं

कंप्यूटर की पांचवीं जनरेशन 1980 के बाद से मानी जाती है, जो वर्तमान में भी चल रही है । Fifth Generation में बहुत सी नई टेक्नोलॉजी आने लगी । इसमें प्रमुख रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग ने काफी बदलाव किया है ।

AI पर आधारित कई प्रोग्राम जैसे Voice Recognition आना शुरू हो गए है , हालांकि इसमें अभी भी विकास हो रहा है ।

इस जनरेशन में काफी तेज और शक्तिशाली Microprocessor Chips का निर्माण हो रहा है । आज के समय कम्प्यूटर काफी ज्यादा विश्वसनीय और तेज कार्य कर सकते है ।

Computer Generation in Hindi
जरूरत के अनुसार कंप्यूटर बहुत से अलग अलग आकार में उपलब्ध है । आधुनिक Desktop, Laptop, Notebook, Tablet आदि इसके उदाहरण है । इनमें विभिन्न प्रकार के उपयोगी फीचर्स देखने को मिलते है ।

उम्मीद है की आपको Generation of Computer के बारे में यह Hindi में जानकारी पसंद आयी होगी । कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में जानने के लिए अन्य पोस्ट भी जरूर पढ़े ।

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