फोन में Reboot का मतलब क्या होता है ? | Reboot Meaning in Hindi

Reboot Meaning या रिबूट अर्थ के बारे में आज हम यहाँ विस्तार से जानेंगे । जब भी आप अपने मोबाईल या Smartphone की Power Button को कुछ समय के लिए दबाकर रखते है, तो फोन की स्क्रीन पर 3-4 ऑप्शन देखने को मिलते है, जिसमें से एक Reboot करने का ऑप्शन होता हैं ।

पावर बटन से Phone को On या Off करना तो सभी लोग जानते है, लेकिन Reboot करने का मतलब क्या होता है यह आमतौर पर बहुत कम लोगों को पता होता हैं।

लगभग सभी स्मार्टफोन में Phone Reboot करने का ऑप्शन होता है, जो किसी भी फोन का एक काफी उपयोगी फीचर होता हैं। तो आइए शुरुआत से जानते है कि, आखिर Reboot Meaning यानी रिबूट का अर्थ क्या होता है ।

इसके अलावा यह भी जानेंगे कि रिबूट करने से क्या होता है और यह स्मार्टफोन के लिए कैसे उपयोगी और फायदेमंद फीचर होता हैं ।

Reboot meaning in Hindi

रिबूट का मतलब क्या होता है ? | Reboot Meaning in Phone

Reboot करने का मतलब किसी फोन या डिवाइस को स्विच ऑफ (बंद) और स्विच ऑन (चालू ) करना होता हैं। रिबूट करना यह किसी Phone को अपनी बूट प्रक्रिया को क्रियान्वित करने के लिए, डिवाइस को प्रभावी ढंग से दोबारा शुरू करने और ऑपरेटिंग सिस्टम को फिर से लोड करने के लिए उत्तरदायी होता हैं।

आसान शब्दों में रिबूट करना आपके फोन या डिवाइस को Restart यानी बंद करके शुरू करने के अलावा कुछ नहीं हैं। Phone Reboot करने से आपके मोबाइल फोन का कोई भी डेटा नहीं मिटता है और ना ही कोई फाइल डिलीट होती हैं। अपने फोन को रिबूट करना मतलब केवल इसे बंद करना और इसे वापस से चालू करना हैं।

रिबूट करना पुनः आरम्भ करने के समान है, इसका मतलब दोबारा शुरुआत करना होता हैं। किसी भी डिवाइस को Reboot करने के पीछे का उद्देश्य ऑपरेटिंग सिस्टम को बंद करना और फिर से शुरू करना होता हैं।

Reboot करने से क्या होता है ?

रिबूट करना कभी-कभी Apps को इंस्टॉल करने, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट्स को इंस्टॉल करने, किसी Bug से उबरने या हार्डवेयर उपकरणों को फिर से आरंभ करने के लिए आवश्यक होता हैं।

अपने कंप्यूटर या मोबाईल डिवाइस को बंद करना और वापस से शुरू करना ही कंप्यूटर को Reboot करना कहलाता हैं। स्विच ऑफ करने पर कंप्यूटर या मोबाईल के सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर बंद हो जाते है और Reboot की प्रक्रिया शुरू हो जाती हैं।

जैसे ही रिबूट की प्रक्रिया सम्पन्न हो जाती है आपको डिवाइस शुरू हो जाता हैं। रिबूटिंग आपके कंप्यूटर/मोबाईल को कुशलतापूर्वक चलाने में मदद करता है ।

Reboot और Reset में क्या अंतर है ?

Reset करने का मतलब है कि, डिवाइस को उस स्थिति में वापस ले जाना, जिसमें उसे कंपनी में बनाकर छोड़ा होता हैं। रीसेट करना आपके सभी व्यक्तिगत डेटा को मिटा देता हैं। रिसेट करने पर जो शेष डेटा बचता है, वह कंपनी द्वारा डिफॉल्ट रूप से सेट किया हुआ डेटा होता है, जो डिवाइस का अपना खुद का डेटा होता हैं।

वहीं रिबूट करना मतलब डिवाइस को बंद करना और दोबारा शुरू करना होता है, जिसमें किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत डेटा को नुकसान नही होता हैं ।

Reboot और Restart में क्या अंतर है ?

रिबूट और रिस्टार्ट के बीच का अंतर यह है कि Reboot कंप्यूटिंग में एक कंप्यूटर या फोन की बूट प्रक्रिया को निष्पादित करने के लिए होता हैं। यह प्रभावी रूप से कंप्यूटर को रीस्टार्ट करने और ऑपरेटिंग सिस्टम को फिर से लोड करने का कारण बनता हैं। वही Restart करना मतलब आमतौर पर डिवाइस को बंद और चालू करना होता हैं।

रिबूट करने पर डिवाइस में किसी भी प्रकार की कैश मेमोरी या RAM स्टोर नहीं रहती है जबकि, रीस्टार्ट करने पर डिवाइस की कैश या RAM मेमोरी यथावत बनी रहती हैं ।। यदि आपका डिवाइस धीरे काम कर रहा है या समस्या पैदा कर रहा है, तो रिबूट करने से Device Performance बढ़ जाती हैं।

फोन को Reboot कैसे करते है ?

फ़ोन को रिबूट करना बहुत ही आसान हैं। मोबाईल फ़ोन को रिबूट करने के लिए आपको फ़ोन के पावर बटन को प्रेस करना होता हैं। पावर बटन प्रेस करने के बाद स्क्रीन पर कुछ ऑप्शन्स आते है, उनमें एक ऑप्शन ‘Reboot’ का होता हैं।

Reboot के ऑप्शन को दबाकर आप अपने फ़ोन को आसानी से रिबूट कर सकते हैं। ऑप्शन दबाने के कुछ ही देर में आपका फ़ोन रिबूट होकर वापस शुरू हो जाता है और पहले की तुलना में बेहतर तरीके से काम करने लगता हैं।

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